परंतु प्रतिदिन यह कार्य करने के पश्चात भी हम इससे एक महत्वपूर्ण सीख लेना भूल जाते हैं. हम कभी पौधों के पत्तों पर, उनकी डालियों पर, उनके फूलों और फलों पर जल धारा नहीं डालते उन्हें धोते नहीं परंतु फिर भी वह पनपते हैं, यदि जल जड़ में जाए तो वही सफलता का मूल है.
यदि आप एक बार में अनेक कार्य करने जाएं तो आपको एक कार्य में भी सफलता नहीं मिलेगी परंतु यदि आप बुद्धिमता से और संकल्प से एक कार्य करेंगे तो अपने आप स्वतः ही सारे कार्य हो जाएँगे.
जो आप का मूल है, जहां से आप को सिंचाई मिल रही है, यदि आपने उसकी जड़ को छोड़ दिया तो एक सूखे पौधे की भांति आप भी सूख कर गिर जाएंगे और अंततः अपना अस्तित्व खो बैठेंगे.
